किसे होगा फायदा - अंडर सेक्रेटरी सैमुअल हक के आदेश के मुताबिक CPSEs में काम कर रहे गैर-संघीय पर्यवेक्षकों सहित बोर्ड स्तर और बोर्ड स्तर से नीचे के पद के कर्मचारी, जिनके वेतनमान में 01 जनवरी 2017 को रिवीजन हुआ है, के महंगाई भत्ते में खासी बढ़ोतरी की जा रही है। सीपीएसई के कार्यपालक और गैर-संघीय पर्यवेक्षक को देय महंगाई भत्ते की दर 2017 वेतनमान के लिए 29.4% होगी।
2017 से रिवाइज सैलरी पा रहे कर्मचारियों को होगा फायदा - एजी ऑफिस ब्रदरहुड के पूर्व अध्यक्ष एचएस तिवारी ने बताया कि डीए की उपरोक्त दर यानी 29.4% Industrial Dearness Allowance (IDA) कर्मचारियों के मामले में लागू होगी, जिन्हें डीपीई के आदेश के अनुसार संशोधित वेतनमान (2017) की इजाजत दी गई है। हक के आदेश के मुताबिक भारत सरकार के सभी प्रशासनिक मंत्रालयों/विभागों से अनुरोध है कि वे अपनी ओर से जरूरी कार्रवाई करें और CPSEs के कार्यकारियों को इस बारे में आदेश दें।
कौने से विभाग आएंगे दायरे में
- The Chief Executives of Central Public Sector Enterprises
- Advisers in the Administrative Ministries/Departments
- Department of Expenditure, E-II Branch, North Block, New Delhi
- The Comptroller & Auditor General of India, 9 Deen Dayal Upadhayay
- Marg, New Delhi
पहले क्या था महंगाई भत्ता - बता दें कि 1 जनवरी 2020 को इन कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 17.2 फीसद किया गया था। यह DA 2017 के संशोधित वेतनमान पाने वाले कर्मचारियों के लिए था। जबकि 2007 वेतनमान वाले कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 157.3 फीसद था। वहीं 1997 वेतनमान वाले कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 334.3 फीसद था।
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