मामला छत्तीसगढ़ और ओडिशा के सीमावर्ती कोंडगांव जिले के बडेराजपुर ब्लाक के ग्राम बांसकोट का है। बांसकोट निवासी चंदन नेताम की शादी ओडिशा निवासी शिवबती के साथ बीते 31 जनवरी को तय थी। इसके पहले 30 जनवरी को हल्दी की रस्म के लिए दुल्हन को मंडप में लाया गया, इसी दौरान उसके पेट में अचानक से दर्द उठा।
ओडिशा के नवरंगपुर जिले की रहने वाली दुल्हन शिवबती की मां सरिता मंडावी ने इस अनोखी शादी की जानकारी डिटेल में दी। सरित मंडावी के मुताबिक आदिवासियों में पैठू प्रथा का पालन आज भी किया जा रहा है। इस प्रथा के तहत ही शिवबती अगस्त 2021 में कृष्ण जन्माष्टमी के दिन अपनी पसंद से चंदन नेताम बांसकोट निवासी के घर पैठू गई हुई थी। यहां पर लगभग 6 माह बीतने के बाद वर एवं वधू पक्ष के लोगों ने आपस में बैठकर तय किया कि अब लड़के लड़की की शादी कर देनी चाहिए। इसके बाद वर पक्ष के लोगों द्वारा लड़की के माता-पिता एवं उनके रिश्तेदारों को इस बात की सूचना दी गई। फिर शादी तय हुई।
शादी के एक दिन पहले बेटे का जन्म - सरिता मंडावी के मुताबिक बकायदा ग्रामीणों को निमंत्रण दिया गया शादी का कार्ड भी बांटा गया। 30 जनवरी को हल्दी लेप और 31 जनवरी को विवाह, आशीर्वाद समारोह एवं प्रीतिभोज का कार्यक्रम था। लेकिन हल्दी की रस्म के दौरान ही लड़की के पेट में दर्द शुरू हुआ। इसके बाद उसे गांव के ही एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया, जहां अगले दिन सुबह उसने बेटे को जन्म दिया। दूल्हे के पिता छेदीलाल नेताम ने बताया कि बहू को बेटा होने से घर में शादी की खुशियां दोगुनी हो गईं।
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