वहीं कुंडली में कमजोर सूर्य की स्थिति जातक को कभी भी मान-सम्मान और धन आदि नहीं दिला पाती है। ऐसा जातक हर समय और हर स्थान पर अपमानित होता है। यदि आपके जीवन में भी कुछ ऐसा ही हो रहा है और आप जीवन से परेशान हो चुके हैं।
ज्योतिष शास्त्र में सूर्यदेव को आपके मान-सम्मान और यश का कारक माना जाता है। जो जातक सूर्यदेव को मना लेते हैं, उनके मान-सम्मान और यश में दिनों दिन बढ़ोत्तरी होती रहती है। यदि आपको भी अच्छा करने के बाद भी बुराई ही हाथ लगती हैं, तो आप अपनी जन्मकुंडली में स्वयं भी देख सकते हैं कि, यदि सूर्यदेव की स्थिति अष्टम भाव में, छठे भाव में या फिर बारहवें भाव में है तो सूर्यदेव की यह स्थिति आपको केवल और केवल अपयश के अलावा कुछ और नहीं दे सकती है।
वहीं अगर आपके सूर्यदेव राहु, शनि और केतु जैसे पापी ग्रहों से पीड़ित हैं तो भी आपको अपयश ही मिलेगा और आप चाहते हैं कि, आपको समाज में मान-सम्मान और यश प्राप्त हो तो इसके लिए आपको रविवार के दिन सूर्यदेव की पूजा अवश्य करनी चाहिए। वहीं सूर्यदेव के उपाय आप प्रतिदिन भी कर सकते हैं, लेकिन अगर आप प्रतिदिन सूर्यदेव के उपाय नहीं कर सकते हैं तो रविवार के दिन सूर्यदेव के उपाय जरुर करें।
रविवार के दिन ब्रह्ममुहूर्त में बिस्तर छोड़ दें और उसके बाद स्नानादि से निवृत्त होकर उगते हुए सूर्यदेव को तांबे के पात्र में जल भरकर उसमें कुमकुम, अक्षत, लाल पुष्प और गुड़ आदि डालकर ऊँ घृणि सूर्याय नम: मंत्र का जाप करते हुए उन्हें अर्घ्य दें और इसके बाद किसी पीपल के पेड़ के नीचे जाकर एक चौमुखा दीपक जलाएं। इससे आपका मान-सम्मान तो बढ़ेगा ही साथ ही साथ आपको धन और वैभव की प्राप्ति भी होगी।
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